राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे दा राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे दा बाजी न मजीरा ऐसे हीरा रतनवा दे दे.......4 हल्का हँसुली काड़ा छाड़ा,बाजूबंद झुमका दाडॉ ई है अरमानवा अपना,कान के अरनवा दे दा पाँव पैजनिया दे दे, कमर करधनिया दे दा इहैं बा विचरवा अपनी,कर के कनगंवा दे दा हमरा के कुछु न चाही ,इहै है इच्छा मनवा माही इहै ब सपनवा अपनी गोदी के ललनवा दे दे
Hello Prayagraj क्या आप सही अखंड पाठ मंडली की तलाश में हैं ? सही पंडित को तुरंत ढूँढ़ना काफी मुश्किल है। आमतौर पर, बिना किसी रुकावट के, अखंड रामायण पाठ निरंतर चलता रहता है और यह श्री राम चरित मानस से संबंधित है । पूरे पाठ में सात कांड भी हैं: बालकांड , अयोध्याकांड , अरण्यकांड , किष्किंधाकांड , सुंदरकांड , लंकाकांड और उत्तराखंडकांड । हालाँकि, प्रत्येक कांड भगवान श्री राम के विभिन्न चरणों और लीलाओं का वर्णन करता है। इस अखंड पाठ मंडली को प्रस्तुत करने से अपार सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं। हमारे मुख्य पंडित इस अखंड पाठ मंडली का संचालन करते हैं। यह अनुष्ठान गौरी गणेश कलश पूजा से शुरू होता है। पंडितों की टीम ढोलक, मंजीरा और अन्य वाद्य यंत्र बजाकर पाठ पढ़ती है। पंडितजी कीर्तन और भजन के लिए कई वाद्य यंत्रों का प्रयोग करते हैं। यह सब भगवान श्री राम की आराधना के लिए है। समारोह को आवश्यक रूप से शुरू करने के लिए, पंडितों का एक समूह बिना रुके पूरे दिन पाठ का अनुष्...
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