राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे दा राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे दा बाजी न मजीरा ऐसे हीरा रतनवा दे दे.......4 हल्का हँसुली काड़ा छाड़ा,बाजूबंद झुमका दाडॉ ई है अरमानवा अपना,कान के अरनवा दे दा पाँव पैजनिया दे दे, कमर करधनिया दे दा इहैं बा विचरवा अपनी,कर के कनगंवा दे दा हमरा के कुछु न चाही ,इहै है इच्छा मनवा माही इहै ब सपनवा अपनी गोदी के ललनवा दे दे
सुशील द्विवेदी प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के एक प्रसिद्ध भक्ति गायक, सुंदरकांड गायक एवं रामायण प्रस्तोता हैं। वे रामायण पार्टी प्रयागराज के संस्थापक हैं, जो धार्मिक कार्यक्रमों एवं भक्ति संगीत के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय नाम बन चुका है। पिछले 20+ वर्षों से सुशील द्विवेदी जी संगीतमय सुंदरकांड पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, भजन संध्या, जागरण एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहे हैं। उनकी मधुर वाणी, भावपूर्ण शैली और पारंपरिक प्रस्तुति श्रोताओं को भक्ति में लीन कर देती है। रामायण पार्टी प्रयागराज की टीम में अनुभवी कलाकार एवं विद्वान ब्राह्मण शामिल हैं, जो हर कार्यक्रम को भव्य, अनुशासित एवं दिव्य बनाते हैं। यह संस्था पूरे भारत में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में अपनी सेवाएँ प्रदान करती है। 🔍 हमारी प्रमुख सेवाएँ: संगीतमय सुंदरकांड पाठ (Sunderkand Path in Prayagraj) श्री रामचरितमानस पाठ (Ramayan Path Booking) भजन संध्या एवं जागरण (Bhajan Sandhya & Jagran) माता की चौकी एवं धार्मिक कार्यक्रम मंदिर एवं पारिवारिक आयोजन 📍 क्यों चुनें ह...
“जब-जब जीवन में अंधकार बढ़ता है, तब-तब रामायण हमें प्रकाश का मार्ग दिखाती है।” रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का मार्गदर्शक है। इसमें वर्णित प्रत्येक प्रसंग हमें जीवन जीने की सही दिशा देता है। प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सत्य और धर्म का सर्वोत्तम उदाहरण है। जब श्रीराम को वनवास मिला, तब उन्होंने बिना किसी विरोध के अपने पिता की आज्ञा को स्वीकार किया। यह हमें सिखाता है कि कर्तव्य और सम्मान जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। माता सीता जी ने हर कठिन परिस्थिति में धैर्य और साहस का परिचय दिया। वहीं लक्ष्मण जी ने भाई के प्रति अपनी सेवा और समर्पण से यह दिखाया कि सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है। और जब बात आती है भक्ति की, तो हनुमान जी का नाम सबसे पहले आता है। उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास ने असंभव कार्यों को भी संभव बना दिया। “जब-जब जीवन में अंधकार बढ़ता है, तब-तब रामायण हमें प्रकाश का मार्ग दिखाती है।” रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का मार्गदर्शक है। इसमें वर्णित प्रत्येक प्रसंग हमें जीवन जीने की सही दिशा देता है। प्रभु श्रीराम का जीवन ...
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